Gravitas: Why is China not talking about the mysterious blasts?
सबसे पहले आपको बताते हैं कि कब और कहां ये धमाके हुए
पहली विस्फोट की खबर 21 अक्टूबर को सामने आई जब चीन के लियाओनिंग प्रांत के रेस्तरां में गैस विस्फोट की वजह से एक बड़ा हादसा हो गया। पांच लोगों की इस विस्फोट की वजह से मौत हो गई जबकि 47 लोग घायल हो गए। अगले दिन एक और विस्फोट की खबर सामने आई जब 22 अक्टूबर को चीन के इनर मंगोलिया में रासायनिक संयंत्र में विस्फोट से होने से 4 की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। दो दिन बाद दो और विस्फोट चीन में हुए। एक वफांगदियान शहर में और नानजिंग विश्वविद्यालय की प्रयोगशाला में दूसरा विस्फोट हुआ। विस्फोट के कारण दो लोगों की मौत हो गई। अगले ही दिन एक अन्य विश्वविद्यालय शांडोंग में विस्फोट हुआ। 26 अक्टूबर को तीन उच्च तीव्रता के विस्फोट शांडोंग, गुआंनडोंग और जियानक्सी में हुए। विस्फोट का सिलसिला 27 अक्टूबर को भी जारी रहा बस शहर बदलते रहे। इस बार तियानजिन में विस्फोट हुए।
चीन में हुए इन धमाकों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ये महज कोई दुर्घटनाएं है या फिर एक सुनियोजित अटैक। क्या इन धमाकों के जरिये किसी समुदाय विशेष या ग्रुप को निशाना बनाया जा रहा है। रेस्तरां हो या सड़के या फिर प्रयोगशालाएं इन जगहों में विस्फोट के पीछे क्या कोई राज छिपा है। हालांकि अभी तक इसको लेकर कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है, लेकिन जब बात चीन जैसे देश की हो तो संदेह अपने आप ही उठने लग जाते हैं। चीन में इस वक्त सीपीसी के 100 सालों का जश्न जोरों शोरों से मनाया जा रहा है। शी जिनपिंग माओ से भी बड़े नेता की छवि बनाने में लगे हैं।