आप दुर्गंध से भरपूर टाटा व्यापारिक घराने को कितना जानते है ? शर्त लगा सकते है, कि बिल्कुल भी नहीं.. टाटा के बारे में सब कुछ पवित्र नहीं है। नमक। इस्पात। ताज। देश का सबसे भरोसेमंद नाम। एक सद्गुणों का संरक्षक। लत पर बना। युद्ध से वित्तपोषित। मैं आपको पीछे ले चलता हूँ। 1822। नुसरवानजी टाटा एक ट्रेडिंग फर्म शुरू करते हैं। वस्तु? अफीम। मालवा से भेजी गई। गंतव्य: चीन। ब्रिटिश संरक्षण में। लाखों चीनी बर्बाद हुए। नुसरवानजी ने मुनाफा गिना। 1839। पहला अफीम युद्ध शुरू होता है। ब्रिटेन चीनी बंदरगाहों को जबरन खोलता है। टाटा को इसमें अवसर दिखता है। भयावहता नहीं। अवसर। 1856। ब्रिटिश एंग्लो-फारसी युद्ध लड़ते हैं। नुसरवानजी ब्रिटिश सेना को आपूर्ति करते हैं। युद्ध सामग्री। ठेके। नकद। टाटा साम्राज्य की असली बीज पूंजी। न दृष्टि। न नवाचार। युद्ध के ठेके। 1887। रतंजी दादाभाई टाटा, जेआरडी के पिता। औपचारिक रूप से हांगकांग विधानमंडल में याचिका दायर करते हैं। डेविड ससून और परिवार के साथ। बगदादी यहूदी जिनकी जड़ें ओटोमन साम्राज्य में थीं। चीन अफीम नेटवर्क। रिकॉर्ड में याचिका। उद्देश्य: अफीम व्याप...